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स्वास्थ्य

18 खबरें
अजगरबहार सेवा सेतु शिविर में 107 आवेदन प्राप्त, 66 का मौके पर निराकरण
स्वास्थ्य

अजगरबहार सेवा सेतु शिविर में 107 आवेदन प्राप्त, 66 का मौके पर निराकरण

पेंशन स्वीकृति आदेश, आयुष्मान कार्ड, फूड बास्केट और अन्य योजनाओं के लाभ हितग्राहियों को प्रदान... The post अजगरबहार सेवा सेतु शिविर में 107 आवेदन प्राप्त, 66 का मौके पर निराकरण appeared first on .

27 साल में PhD, अस्पताल में डॉक्टर की नौकरी और मरीजों का प्यार… फिर अचानक सब छोड़कर डिलीवरी राइडर बन गई चीनी डॉक्टर

27 साल में PhD, अस्पताल में डॉक्टर की नौकरी और मरीजों का प्यार… फिर अचानक सब छोड़कर डिलीवरी राइडर बन गई चीनी डॉक्टर

चीन की 31 वर्षीय PHD डॉक्टर लियू जिहान ने अस्पताल की नौकरी छोड़कर डिलीवरी राइडर और पब सिंगर का काम शुरू किया. उनका कहना है कि इस बदलाव से जिंदगी का तनाव कम हुआ है.

16 घंटे पहले · ayush
स्वास्थ्य सेवा पहल से ग्रामीणों को राहत, पोषण माह में 1,540 से ज्यादा लोग लाभान्वित

स्वास्थ्य सेवा पहल से ग्रामीणों को राहत, पोषण माह में 1,540 से ज्यादा लोग लाभान्वित

पंतनगर। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर स्वास्थ्य सेवा प्रोजेक्ट के माध्यम से राजस्थान

16 घंटे पहले · sonu chauhan
स्वास्थ्य सेवा पहल से ग्रामीणों को राहत, पोषण माह में 1,540 से ज्यादा लोग लाभान्वित

स्वास्थ्य सेवा पहल से ग्रामीणों को राहत, पोषण माह में 1,540 से ज्यादा लोग लाभान्वित

पंतनगर। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर स्वास्थ्य सेवा प्रोजेक्ट के माध्यम से राजस्थान

16 घंटे पहले · admin_sdn
नवजात शिशुओं की सेहत पर जुटेंगे विशेषज्ञ, ग्राफिक एरा में 3 अक्टूबर से निओकॉन

नवजात शिशुओं की सेहत पर जुटेंगे विशेषज्ञ, ग्राफिक एरा में 3 अक्टूबर से निओकॉन

देहरादून। ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में नवजात शिशुओं की देखभाल और उपचार से जुड़े विशेषज्ञों का सम्मेलन 3 अक्टूबर

16 घंटे पहले · sonu chauhan
नवजात शिशुओं की सेहत पर जुटेंगे विशेषज्ञ, ग्राफिक एरा में 3 अक्टूबर से निओकॉन

नवजात शिशुओं की सेहत पर जुटेंगे विशेषज्ञ, ग्राफिक एरा में 3 अक्टूबर से निओकॉन

देहरादून। ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में नवजात शिशुओं की देखभाल और उपचार से जुड़े विशेषज्ञों का सम्मेलन 3 अक्टूबर

16 घंटे पहले · admin_sdn
ब्लैक कॉफी का बढ़ता चलन, क्या दूध मिलाकर पीना नुकसानदायक?

ब्लैक कॉफी का बढ़ता चलन, क्या दूध मिलाकर पीना नुकसानदायक?

नई दिल्ली। फिटनेस और वजन नियंत्रित रखने को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच ब्लैक कॉफी का चलन तेजी से बढ़ा है। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ लोग ब्लैक कॉफी को सेहतमंद मानते हैं, जबकि दूध वाली कॉफी को लेकर यह सवाल उठता है कि क्या इसमें दूध मिलाने से इसके फायदे कम हो जाते हैं या पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक केवल कॉफी में दूध मिलाने भर से इसे अस्वास्थ्यकर नहीं कहा जा सकता। कॉफी का असर इस बात पर निर्भर करता है कि ...

16 घंटे पहले · हर्षिता यादव
नगर निकायों में नए सिरे से खुलेंगे आरोग्य मंदिर, जल्द जारी होंगे नए दिशा, निर्देश

नगर निकायों में नए सिरे से खुलेंगे आरोग्य मंदिर, जल्द जारी होंगे नए दिशा, निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड के 114 अर्बन आरोग्य मंदिर अब नगर निकायों में नए सिरे से खोले...

1 दिन पहले · dastavej
खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, उपचार और सुरक्षा के दिए निर्देश

खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, उपचार और सुरक्षा के दिए निर्देश

खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, उपचार और सुरक्षा के दिए निर्देश

1 दिन पहले · babuaa desk
Sawan 2026: सावन में बनेंगे कई दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग, तीसरा सोमवार रहेगा सबसे खास; जानें शिवरात्रि, नाग पंचमी और विशेष योग की पूरी जानकारी

Sawan 2026: सावन में बनेंगे कई दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग, तीसरा सोमवार रहेगा सबसे खास; जानें शिवरात्रि, नाग पंचमी और विशेष योग की पूरी जानकारी

Sawan 2026 में चार सावन सोमवार, नाग पंचमी, प्रदोष व्रत और कई दुर्लभ ग्रह, नक्षत्र संयोग बन रहे हैं। जानिए सावन की प्रमुख तिथियां, पूजा का महत्व और धार्मिक मान्यताएं।

1 दिन पहले · payal trivedi
भोपाल में 70+ का हर चौथा बुजुर्ग ‘सूने घर’ में:रिटायर्ड आईएएस की हत्या के बाद 17 बूथों की वोटर लिस्ट खंगाली, 210 ऐसे मकान मिले

भोपाल में 70+ का हर चौथा बुजुर्ग ‘सूने घर’ में:रिटायर्ड आईएएस की हत्या के बाद 17 बूथों की वोटर लिस्ट खंगाली, 210 ऐसे मकान मिले

पुलिस के पास ये डेटा नहीं रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या ने भोपाल में बुजुर्गों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि 70+ उम्र का हर चौथा बुजुर्ग ऐसे ‘सूने घर’ में रह रहा है, जहां 60 साल से कम उम्र का कोई मतदाता दर्ज नहीं है। पढ़ाई और रोजगार के लिए बच्चों के दूसरे शहरों या विदेश जाने से बुजुर्ग दंपती पीछे छूट रहे हैं। भास्कर ने अरेरा कॉलोनी, साकेत नगर और ईदगाह हिल्स, शाहजहांनाबाद के 17 मतदान केंद्रों की सूचियां खंगालीं। इनमें 13,253 वोटर्स में 1,127 की उम्र 70 साल या इससे अधिक है। इनमें 274 यानी 24.3% बुजुर्ग ऐसे 210 मकानों में रहते हैं, जहां 60 साल से कम उम्र का एक भी वोटर दर्ज नहीं है। सबसे अहम यह कि भोपाल पुलिस के पास ऐसे घरों का अलग डेटा ही नहीं है। पुलिस के वरिष्ठ नागरिक सेल में पूरे शहर से सिर्फ 172 बुजुर्ग पंजीकृत हैं, जबकि भास्कर को महज 17 बूथों में ही ऐसे 210 मकान मिले। ऐसे घरों में बुजुर्गों को केयरटेकर, घरेलू सहायक या दूसरी बाहरी मदद लेनी पड़ सकती है। शेष | पेज 10 पर 2036 तक मप्र में हर आठवां व्यक्ति होगा बुजुर्ग : यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड (यूएनएफपीए) और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज (आईआईपीएस) की ‘इंडिया एजिंग रिपोर्ट’ के मुताबिक 2036 तक मध्यप्रदेश की आबादी में 60+ लोगों की हिस्सेदारी 12.8% हो जाएगी। यानी लगभग हर आठवां व्यक्ति बुजुर्ग होगा। रिपोर्ट में युवाओं के बड़े शहरों और विदेश जाने से बुजुर्गों के पारंपरिक पारिवारिक सहारे पर पड़ रहे असर का भी जिक्र है। ‘लासी’ और एनएसएसओ के सर्वे भी अकेले या केवल बुजुर्ग सदस्यों वाले परिवार बढ़ने की ओर संकेत करते हैं। देश में 60+ उम्र के 35.4% बुजुर्ग ‘एम्प्टी नेस्ट’ श्रेणी में हैं, जबकि शहरी मध्यप्रदेश में यह आंकड़ा 31.4% है। मप्र में बुजुर्गों का हाल उच्च रक्तचाप 31.5% मधुमेह से पीड़ित 18.7% बुजुर्गों को दो बीमारियां 38.2% स्वास्थ्य बीमा नहीं 74% महिलाएं दूसरों पर निर्भर 46% प्रतिमाह 3800, 6500 का खर्च दवाओं पर (इंडिया एजिंग रिपोर्ट के अनुसार) पहले ऐसे घर पहचानें, फिर मदद का नेटवर्क बनाएं... मतदाता सूची के आधार पर पूरे शहर में ऐसे घर चिह्नित किए जा सकते हैं। पुलिस, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग इनका रिकॉर्ड तैयार करें। बुजुर्गों की सहमति से परिजन का संपर्क नंबर लेकर उन्हें नजदीकी अस्पताल, एंबुलेंस, पुलिस, कॉलोनी समिति से जोड़ा जाए। इससे वार्ड स्तर पर ऐसा नेटवर्क बन सकेगा, जो आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाए।, प्रो. आशा शुक्ला, समाजशास्त्री, पूर्व कुलगुरु बीआर आंबेडकर विवि, महू अरेरा, साकेत नगर और ईदगाह हिल्स में ये स्थिति

1 दिन पहले · मनोज जोशी
थर्मल कर्मियों की जांच और रक्तदान शिविर आयोजित

थर्मल कर्मियों की जांच और रक्तदान शिविर आयोजित

कालीसिंध तापीय विद्युत परियोजना, राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम, सुधा ब्लड सेंटर, एमआरसी कोटा की ओर से थर्मल कर्मियों का निशुल्क स्वास्थ्य जांच और रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कालीसिंध तापीय विद्युत परियोजना के उपनिदेशक कार्मिक श्योप्रकाश मीना ने बताया कि रक्तदान शिविर में समस्त कार्मिकों की ओर से उत्साह से भाग लिया गया। इसके अंतर्गत 30 यूनिट रक्तदान किया गया। कार्मिकों और ठेकाकर्मियों की थायराइड, ईसीजी, मधुमेह, सीबीसी, रक्तचाप की जांच की गई।

1 दिन पहले · दैनिक भास्कर
डिजिटल क्रांति की ओर गुना की आधी आबादी... 3 साल में ढाई गुना बढ़ा महिलाओं में इंटरनेट का इस्तेमाल

डिजिटल क्रांति की ओर गुना की आधी आबादी... 3 साल में ढाई गुना बढ़ा महिलाओं में इंटरनेट का इस्तेमाल

जिले की महिलाओं में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या तीन साल में ढाई गुना से ज्यादा बढ़ गई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण, 5 (2019, 21) में जहां सिर्फ 21.8% महिलाएं इंटरनेट का इस्तेमाल करती थीं। वहीं राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण, 6 (2023, 24) में यह आंकड़ा बढ़कर 57.5% पहुंच गया। यानी जिले की आधी से ज्यादा महिलाएं इंटरनेट की पहुंच में हैं। डिजिटल पहुंच बढ़ने के साथ वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा के आंकड़ों में भी सुधार हुआ है। जिले के 99.3% परिवारों के सदस्यों के पास बैंक या डाकघर में खाता है। स्वास्थ्य बीमा या वित्तीय योजना से कवर परिवारों का अनुपात भी 43.1% से बढ़कर 69.1% हो गया है। सामाजिक क्षेत्र में बाल विवाह के आंकड़े में मामूली सुधार हुआ है। वहीं, 10 या उससे अधिक वर्ष की स्कूली शिक्षा हासिल करने वाली महिलाओं का अनुपात भी बढ़ा है। हालांकि, डिजिटल और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के बीच स्वास्थ्य और बाल पोषण के कुछ आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। जिले के लगभग 1 हजार परिवारों और 1.1 हजार से अधिक महिलाओं पर किए गए गहन वैज्ञानिक सर्वे के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। डिजिटल छलांग में पुरुष भी पीछे नहीं जिले में महिलाओं के साथ पुरुषों की डिजिटल पहुंच में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले पुरुषों का अनुपात NFHS, 5 में 57.6% था, जो NFHS, 6 में बढ़कर 75.6% हो गया। यानी तीन साल में पुरुषों में भी इंटरनेट पहुंच तेजी से बढ़ी है। यानी पुरुषों की तीन तिहाई आबादी इंटरनेट का उपयोग कर रही है।

1 दिन पहले · दैनिक भास्कर
जम्हाई लेने से दिमाग में होता है चौंकाने वाला असर! MRI स्कैन में वैज्ञानिकों को मिला बड़ा संकेत

जम्हाई लेने से दिमाग में होता है चौंकाने वाला असर! MRI स्कैन में वैज्ञानिकों को मिला बड़ा संकेत

थकान या नींद की निशानी मानी जाने वाली जम्हाई को लेकर वैज्ञानिकों ने एक नई और हैरान करने वाली खोज की है। ताजा अध्ययन में पता चला है कि जम्हाई लेने के दौरान मस्तिष्क के भीतर मौजूद द्रव की गति सामान्य सांस लेने से अलग तरीके से बदलती है।

1 दिन पहले · sanjay purohit
40 दिन से खाली था डॉक्टर का पद, अब मेवाड़ी गेट पीएचसी में नियुक्ति

40 दिन से खाली था डॉक्टर का पद, अब मेवाड़ी गेट पीएचसी में नियुक्ति

मेवाड़ी गेट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 40 दिन से खाली पड़े डॉक्टर के पद पर आखिरकार डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव ने पद ग्रहण कर लिया। डॉक्टर नहीं होने के कारण इस अवधि में अनुमानित 1200 मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पताल या राजकीय अमृतकौर अस्पताल जाना पड़ा। अब डॉक्टर की नियुक्ति होने से आसपास के क्षेत्र के मरीजों को प्राथमिक स्तर पर ही उपचार की सुविधा मिल सकेगी। जानकारी के अनुसार, 24 नवंबर 2024 को डॉ. राजेंद्र तापड़िया के सेवानिवृत्त होने के बाद से यहां डॉक्टर का पद रिक्त था। डिस्पेंसरी प्रशासन की ओर से अस्पताल प्रबंधन को पत्र भेजकर डॉक्टर की मांग की गई। करीब 6 महीने बाद डॉ. रेखा मीणा को यहां तैनात किया गया। हालांकि, करीब 5 महीने सेवा देने के बाद उन्हें फिर से मुख्य अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद डिस्पेंसरी फिर बिना डॉक्टर के संचालित होने लगी। करीब 11 महीने बाद डॉक्टर रोहित की नियुक्ति हुई, लेकिन महज 40 दिन बाद उनका भी स्थानांतरण जैतारण कर दिया गया। इसके बाद पिछले 40 दिनों से फिर डॉक्टर का पद खाली था। इस दौरान प्रतिदिन पहुंचने वाले 150 से अधिक मरीजों की जांच और दवा लिखने का काम कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को ही संभालना पड़ रहा था। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को उपचार के लिए अमृतकौर अस्पताल रेफर किया जाता था। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में पिछले 40 दिनों में सिटी डिस्पेंसरी से अनुमानित 1200 मरीज बिना डॉक्टर और दवा के लौटे। डिस्पेंसरी विभाग की ओर से लगातार पत्राचार के बाद अस्पताल प्रशासन ने अब डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव को नियुक्त किया है। वर्तमान में सिटी डिस्पेंसरी में 1 मेडिकल ऑफिसर, 3 नर्सिंग स्टाफ, 2 एएनएम, 1 फार्मासिस्ट और 1 कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यरत हैं।

1 दिन पहले · दैनिक भास्कर
सफाई मित्रों की स्वास्थ्य जांच, पीपीई किट बांटे

सफाई मित्रों की स्वास्थ्य जांच, पीपीई किट बांटे

स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत नगर परिषद की ओर से बुधवार को सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य जांच, पीपीई सुरक्षा किट वितरण एवं जागरूकता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर में सफाई मित्रों का ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर सहित सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए पीपीई किट भी वितरित किए गए। सभापति राजकुमार बड़जात्या ने कहा कि सफाई मित्र शहर की स्वच्छता व्यवस्था की आधारशिला हैं। उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान नगर परिषद की प्राथमिकता है। आयुक्त जनार्दन शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य जांच के साथ सुरक्षा उपकरणों का नियमित और सही उपयोग भी जरूरी है। चिकित्सा विभाग की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक जानकारी दी। वहीं स्वच्छ भारत मिशन नोडल प्रभारी एवं सहायक अभियंता विष्णु अडानिया ने पीपीई किट के नियमित उपयोग पर जोर दिया। आईईसी टीम ने सफाई मित्रों को व्यक्तिगत स्वच्छता, कार्यस्थल पर सुरक्षा और सुरक्षित कार्य पद्धतियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में उपसभापति मनेन्द्र सिंह खंगारोत, एईएन त्रिलोचन कुमावत, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक नवल मटूटू, स्वास्थ्य निरीक्षक ऋषभ सिंह चौहान, चिकित्सा विभाग की टीम, पार्षद, जमादार सहित अन्य मौजूद थे।

1 दिन पहले · दैनिक भास्कर
बीपी, डायबिटीज की जांच में 6210 मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया इलाज

बीपी, डायबिटीज की जांच में 6210 मरीज मिले, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया इलाज

स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन के घर, द्वार तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में चल रहे ‘जांच एवं उपचार, चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान के तहत अब तक 1,26,470 लोगों की डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, ओरल कैंसर और एनीमिया की जांच की जा चुकी है। अभियान में बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान कर लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और उपचार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें समुदाय स्तर पर पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। जांच में संभावित मरीज मिलने पर उन्हें संबंधित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आगे की जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिले के स्वच्छता कर्मियों को भी अभियान के दायरे में शामिल कर उनकी स्वास्थ्य जांच कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में अभियान शुरू होने से पहले 19,365 हाइपरटेंशन और 16,435 डायबिटीज के मरीज चिन्हित थे। वहीं 2 सितंबर से अब तक अभियान के दौरान 3,540 नए हाइपरटेंशन और 2,670 नए डायबिटीज मरीज चिन्हित किए गए हैं। इन मरीजों का विवरण एनसीडी पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। नियमित जांच और फॉलोअप के माध्यम से उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी। सभी स्वास्थ्य केंद्र में जाँच की सुविधा उपलब्ध डायबिटीज और उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए दवाएं सदर अस्पताल शेखपुरा से लेकर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की सुविधा पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान किसी बीमारी के लक्षण या समस्या सामने आने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आगे की जांच और उपचार कराना जरूरी है। एनसीडी नोडल पदाधिकारी डॉ नौशाद आलम ने बताया कि जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से अभियान का संचालन किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति आवश्यक जांच और परामर्श से वंचित न रहे। विभाग ने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा परिवार और आसपास के लोगों को भी जांच के लिए प्रेरित करने की अपील की है।

1 दिन पहले · दैनिक भास्कर
खेत से बाज़ार तक आत्मनिर्भरता की नई अलख

खेत से बाज़ार तक आत्मनिर्भरता की नई अलख

1 दिन पहले · babuaa desk